Posts Tagged ‘India Against Terrorism’

कल ही देखा कुछ बड़े मीडिया घरानों समां समाचार चैनल पर आईएसआईएस की भारत को दी गई बन्दर घुड़की की काफी चर्चा हो रही है। मेरे अनुसार आईएसआईएस भारत में प्रवेश करके केवल अपने लिए मौत का गढ्ढा ही खोदेगा क्योकि भारत न सीरिया है, न इराक है और न ही पाकिस्तान आईएसआईएस के भारत में प्रवेश करते ही उनका जिनसे सामना होगा ऐसे प्रतिरोधी और प्रतिकार की उन्होने कल्पना भी नहीं की होगी मेरे अनुसार ५ ऐसे प्रतिरोधक भारत में मौजूद है जो स्वयं अपने आप में ही आईएसआईएस जैसे संपोलो का सर कुचलने में सक्षम है ।
——————————–
पहला – भारत के पास १३ लाख की विशाल भारतीय सेना जिसे विगत ३० वर्षों से आतंकवाद का फन कुचलने और ४ युद्ध कुशलता पूर्वक लड़ने का लम्बा अनुभव है और राष्ट्ररक्षा के वक्त पर तो उनका जूनून पागलपन की हद तक पहुंच जाता है। अगर आईएसआईएस अपने बिरादर पाकिस्तान से ही पूछ ले तो उसे ज्ञात होगा की सिख, राजपूत और गोरखा रेजिमेंट किस बला का नाम हैं।
——————————–
दूसरा – राजपूत, सिख, गुर्जर, खटीक, जाट और बाल्मीकी जैसी योद्धा जातिया जिनका इतिहास युद्ध और संहार से भरा हुआ हैl इतिहास साक्षी है इन सभी जातियों ने विशेष कर इस्लामिक आक्रांताओं के दांत ऐसे खट्टे किये की कई वर्षो तक इस्लामिक आक्रांताओं की भारत की देखने तक का भी साहस नहीं हुआ l क्षत्रिय कुलगौरव राजकुमार बाप्पा रावल जी का प्रतिकार इतिहास जनता है जिन्होंने तुर्को, फारसियों को युद्ध में मात दी और अरबी आक्रांताओं को तो अरब तक खदेड़ कर आये इनसे भयभीत होकर अरब ४०० वर्षो तक भारत की और रुख न कर सके।
————————————–
तीसरा – राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ जैसा बड़ा राष्ट्रवादी संगठन जिसके सदस्यों की संख्या ही कई करोड़ में है और जो बचपन से ही राष्ट्र रक्षा को दृढ संकल्पित होते हैं इतनी बडे संगठन का एक प्रतिशत कार्यकर्ता भी यदि खून का जवाब खून से देने को तत्पर हुआ (जो की नैसर्गिक है) तो आईएसआईएस के लोग पानी मांगते नज़र आयेँगे।
————————————
चौथा – भारत में बस्ने वाले शिया, अहमदिया, कादियानी, बरेलवी जैसे मसलकों की कौमे जो जानती है आईएसआईएस का उदय राष्ट्र में उनके धार्मिक हितों को प्रभावित करेगा जब ये प्रतिकार करेंगे निश्चित तौर पर आईएसआईएस को हर मोर्चे पर मात खानी होगी जैसा की इराक में शिया मिलिशिया और कुर्द सफलता पूर्वक आईएसआईएस को न सिर्फ मात दे रहे है बल्कि उनकी धज्जिया भी उड़ा रहे है।
————————————
पांचवा और सबसे अहम – भारत की राष्ट्रीय एकता विश्व जानता है राष्ट्र पर आई आपदा के वक्त सम्पूर्ण भारत एक बंद मुट्ठी में परिवर्तित हो जाता है और अपने मुष्टि प्रहार से किसी भी शत्रु के दांत और जबड़े तोड़ने में सक्षम हो जाता है पाकिस्तान के साथ हुए ४ युद्ध और चीन के साथ हुआ एक युद्ध इसका सबसे बेहतरीन उदहारण है ।
अतः यह बन्दर घुड़की न देते हुए आईएसआईएस अपनी औकात के अनुसार ही पैर पसारे तो उसके लिए श्रेयस्कर होगा।
अपने शब्दों का अंत मैं अल्लामा इकबाल की मशहूर ग़ज़ल की पंक्तियों से करूंगा
“कुछ बात है कि हस्ती, मिटती नहीं हमारी।
सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ए-ज़माँ हमारा।”
—————————————-
रवि कुमार “रवि”