Archive for the ‘Veer Ras’ Category

Magical Moringo an Herbal Product

Posted: June 26, 2017 in Veer Ras

Dukhad Kintu Satya

Posted: April 18, 2017 in Veer Ras

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Photo post by @muzaffarnagari.

स्रोत: काट कर केक, मार कर फूंक मोमबत्ती मत बुझाइए

काट कर केक, मार कर फूंक मोमबत्ती मत बुझाइए

आओं सेना संग हुँकार भरे
चल कश्मीर की थाती पर
“रवि” शिव तांडव नृत्य करे
इस जिहाद की छाती पर

सैलाब के वक्त कुकुर जो
भिक्षा को हाथ उठाते हैं
पाकर खाना भीख जान अब
पत्थर सेना को दिखलाते है

तन बेशक से नाम भले “रवि” ये
भिक्षा को हिंदुस्तानी बन जाते हैं
पर मन में पाले भ्रम खुद
पाकिस्तानी झंडे ही फहराते है

कह दो इन गद्दारों से
सेना को ज़ख्म स्वीकार नही
बार लाख भले ही लड़ ले
देंगे हम वीभत्स प्रतिकार यही

केसरिया घाटी में सेना की
रक्षा को अब ये प्रण होगा
याचना नही अब रण होगा
याकि जीवन या मरण होगा।
————-
रवि कुमार “रवि”

यही सोच कर मैंने
कलम की तलवार उठाई है
हिन्दू हित चिंतन के आगे
और भी बड़ी लड़ाई है
कुछ अपने ही गद्दार हुए है
सत्ता सुख की खातिर
अस्तित्व बचाने की है चिंता
हिन्दू सूरज देता डूबता दिखाई है
हर हर महादेव, जय श्री राम कहने से केवल
हिन्दू धर्म का हित न होगा
जब तक हर हिन्दू न जागे
और हिन्दू शौर्य ने लेती अंगड़ाई है
ये सोच कर मैंने
तलवार की कलम उठाई है
हिन्दू हित चिंतन के आगे
और भी बड़ी लड़ाई है
…………..
रवि कुमार “रवि”

संगीनों के साये में यारो आज़ादी चलती है …………..
वक्त उधर ही चलता है जिस और जवानी चलती है …………..
है कौन वो माँ का लाल जो यारो अपने लहू से खेलेगा
रक्तरंजित हाथो से अपनी भारत माँ की किस्मत बदलेगा
चैन चमन में आता है जब बंदूके गरजा करती है
फाड़ के जब दुश्मन का सीना गोली निकला करती है
संगीनों के साये में यारो आज़ादी चलती है …………..
वक्त उधर ही चलता है जिस और जवानी चलती है ……………
…………
रवि कुमार “रवि”

इन्कलाब की धार विचारो की सान पर तेज़ होती है – शहीद भगत सिंह
– इसीलिए मेरे सभी इंकलाबी मित्रो से विनम्र निवेदन है …कृपया वैचारिक क्रांति को बढ़ावा दें ..विचारो का जागरण होने पर व्यक्ति का स्वयं का जागरण हो जाता है ….अच्छा साहित्य पढ़े और दूसरो को भी अच्छा साहित्य पढने को प्रेरित करे ….पुस्तकों से आछा न तो कोई मित्र है और न मार्ग दर्शक …. विचारो की हवा देने का प्रयास करो ….हर भारतवासी का ये कर्त्तव्य है कम से कम दिन में एक व्यक्ति को जागरूक करे …उसे राष्ट्रहित चिंतन करने को कहे…..आप देखेंगे इसके आश्चर्यजनक परिणाम निकलेंगे….आप पाएंगे के आप से साथ चलने वाका व्यक्ति भी येही सोचता है पर खुल कर कह नहीं पाता…हमारे आस पास ही राष्ट्रहित में कार्य करने की अपार सम्भावनाये मोजूद है …उसके लिए न तो कोई धन की आवश्यकता है न किसी मंच की …. आप खुद में एक चलता फिरता विश्वविद्यालय है ऐसा आप पाएंगे….मित्रो लोगो को जागरूक करो हर अच्छे बुरे के विषय में बताओ …यही आपका सच्चा राष्ट्र को दिया जाने वाला सम्मान है ..और यही आपकी सच्ची राष्ट्रभक्ति को अभिव्यक्त करने का माध्यम भी
…………………
रवि कुमार “रवि”

माँ मुझे कुछ पैसे दे दो
में कुरता खादी का सिल्वाऊ
कुरता पहनू बदन पर अपने
गांधी टोपी सर पे मेरे सजाऊ
नित नए में करू घोटाले
कारनामा कुछ ऐसा दिखलाऊ
कलमाड़ी, राजा, लालू जैसा
नेता में बन जाऊ
कभी खाऊ में चारा,
और कभी टू जी में चाट कर जाऊ
देश बेच कर दुश्मन को अपने
नौ लक्खा हार तुझे पहनाऊ
माँ को आया गुस्सा और वो तब बोली
सुने ले मेरे लाल
तेरे जैसे कपूत को पाकर
हो गई में कंगाल
हो गई में कंगाल अब सुनी गोद भी में हो जाऊ
अपने इन्ही हाथो से क्यों न ज़हर तुझे पिलाऊ
अपनी ममता का गला घोंट दू
माँ भारत को मैं पहले बचाऊ
……………
रवि कुमार “रवि”