भगत सिंह जी ने कहा था – बहरो को सुनाने के लिए धमाको की ज़रुरत होती

Posted: January 17, 2013 in Bhagat Singh
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भगत सिंह जी ने कहा था – बहरो को सुनाने के लिए धमाको की ज़रुरत होती है

“If the deaf are to hear, the sound has to be very loud. When we dropped the bomb, it was not our intention to kill anybody. We have bombed the British Government. The British must quit India and make her free.”

इस बात को कहने का क्या मतलब था ?? इस बात को देश के युवाओं ने समझने की कोशिश ही नहीं की ! निश्चित ही धमाको से उनका मतलब किसी को क्षति पहुचना बिलकुल नही था ! अगर ऐसा होता तो भगत सिंह जी केवल धुएं और आवाज़ करने वाला धमाका नहीं करते ! भगत सिंह की विचारधारा के विषय में सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि देश के इतिहासकारों ने इसका विस्तृत वर्णन ही नहीं किया ! गाँधी जी को महिमामंडित करने और सरकारी लाभ लेने के फेर में इतिहासकारों ने भगत सिंह जी के विषय में चर्चा करना तक ज़रूरी नहीं समझा! और उस से बढ़कर दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है की आज का युवा उनके विषय में न तो पढ़ रहा है और न ही शोध कर रहा है वास्तव में भगत सिंह जी की विचारधारा शोध का विषय है की आखिर 23 वर्ष के नौजवान ने ऐसा क्या पढ़ और समझ लिया था जिस कारण गाँधी जैसे विशुद्ध राजनीती के धुरंधर अपने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंताग्रस्त होने लगे थे ! ऐसा क्या कारण रहा जो तथाकथित स्वाधीनता के 65 वर्षों बाद भी भगत सिंह के विषय में पूरी जानकारी हमारे पास उपलब्ध नहीं है जो है वो आधी अधूरी है! जितना साहित्य गाँधी जी के विषय में उपलब्ध है उसका 10 प्रतिशत भी भगत सिंह जी के विषय में उपलब्ध नहीं है !

बहाया था जिसने लहू देस पर वो मिला दिए गए ख़ाक में
छा गए देस पर केवल पहने धोती और चरखा लिए हाथ में

…………………… To be Continued….
रवि कुमार “रवि”

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